Tuesday, February 14, 2012

यह प्यार का डे

शहरों में वेलेंटाइन-डे का खुमार पूरे ज़ोरों पर है, मॉल्स, क्लब्स, डिस्कोथेक जहाँ भी नजर दौड़ाएं सभी लाल व गुलाबी रंग की थीम से सजे मिलेंगे... वैसे तो वेलेंटाइंस-डे की शुरुआत एक हफ्ते पहले ही शुरु हो जाती है और इन सातों दिन को हम अलग-अलग नाम से मनाते हैं... जैसे- सात फरवरी- ‘रोज डे’, आठ फरवरी- ‘प्रपोज डे’, नौ फरवरी- ‘चॅाकलेट डे’, दस फरवरी- ‘टेडी डे’, ग्यारह फरवरी- ‘प्रॉमिस डे’, बारह फरवरी- ‘किस डे’, तेरह फरवरी- ‘हग डे’, चौदह फरवरी- ‘वेलेंटाइन डे’..


प्यार का यह दिन विभिन्न देशों में अलग-अलग तरह और अलग-अलग विश्वास के साथ मनाया जाता है... पश्चिमी देशों में तो इस दिन की रौनक अपने शबाब पर होती है, और पूर्वी देशों में भी इस दिन को मनाने का अपना अलग अंदाज होता है... जहाँ चीन में यह दिन ‘नाइट्स ऑफ सेवेन्स’ के नाम से जाना जाता है, वहीं जापान व कोरिया में इस दिन को ‘वाइट डे’ का नाम से मनाते हैं... इतना ही नहीं, इन देशों में तो इस दिन से लेकर पूरे एक महीने तक यहाँ पर लोग अपने प्यार का इजहार करते हैं और एक-दूसरे को तोहफे व फूल देकर अपनी भावनाओं का इजहार करते हैं... 19वीं सदीं में अमेरिका ने इस दिन पर अधिकारिक तौर पर अवकाश घोषित कर दिया था


शहंशाह क्लॉडियस के शासन में संत वेलेंटाइन ने जब ईसाई धर्म को अपनाने से इंकार कर दिया था, तो क्लॉडियस ने उनका सिर कलम करने के आदेश दिए थे... कहा जाता है कि संत वेलेंटाइन ने अपनी मृत्यु के समय जेलर की अंधी बेटी जैकोबस को नेत्रदान किया व जेकोबस को एक पत्र लिखा, जिसमें अंत में उन्होंने लिखा था 'तुम्हारा वेलेंटाइन'... यह दिन था 14 फरवरी, जिसे बाद में इस संत के नाम से यह दिवस मनाया जाने लगा... तो इस तरह से प्यार के पंछियों के लिए ये दिन हमेशा के लिए खास हो गया और इजहा-ए- मोहब्बत करना भी आसान हो गया... इस दिन का पूरी दुनिया को बेसब्री से इंतजार रहता है... तो भला कैसे कोई इस पल को इस दिन को भुलाना चाहेगा... और कौन अपने प्यार के अफसाने को मंजिल तक लेकर नहीं जाना चाहेगा...